ऐसी फिल्में नहीं बना सकती जो असल जिंदगी से जुड़ी न हों: तनुजा


अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘‘करीब-करीब सिंगल’’ के लिये समालोचकों की तारीफ बटोर रहीं फिल्म निर्माता तनुजा चंद्रा ने कहा है कि वह समाज को प्रभावित करने वाली फिल्में बनाने में ज्यादा सहज महसूस करती हैं। तनुजा हालांकि हल्की-फुल्की कहानी वाली फिल्मों के निर्माण में भी हाथ आजमाना चाहती हैं। तनुजा को “दुश्मन” (1998) और “संघर्ष” (1999) जैसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्मों के लिए ज्यादा जाना जाता है। उनका मानना है कि यह फिल्में अपने समय से आगे थीं। 

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अगर यह फिल्में अब प्रदर्शित हुई होतीं तो उन्हें और ज्यादा प्रशंसा मिलती।” उन्होंने कहा, “मैंने गंभीर फिल्में बनाई हैं जो उम्दा थीं और जिन्हें बनाने में मैं सहज महसूस करती हूं। समाज पर असर डालने वाली थ्रिलर या नाटकीय-भावनात्मक फिल्मों में कुछ सहजता है। लेकिन मैं अपने काम में विविधता भी लाना चाहती हूं।”

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